केपीएस गिल नहीं रहे, सुपरकॉप के नाम से थे मशहूर

सुपरकॉप और लायन ऑफ़ पंजाब नाम से पहचाने जाने वाले पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल का आज दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में निधन हो गया. लम्बे समय से बीमारी से जूझते हुए उन्होंने 82 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. गिल को पंजाब में आतंकवाद का सफाया करने के लिए जाना जाता है.

केपीएस गिल की दोनों किडनियां फेल हो चुकी थीं और उनके दिल का भी इलाज चल रहा था. गिल सख्त मिजाज ऑफिसर थे उन्होंने अपने खास अंदाज़ में खालिस्तान पर नकेल कसी थी.

केपीएस गिल आईपीएस ऑफिसर थे और 1995 में रिटायर हुए थे. उनकी रिटायरमेंट के बाद भी अक्सर सरकार को उनकी सेवाओं की जरूरत पड़ती रही.  साल 2000 से 2004 के बीच श्रीलंका ने लिब्रेशन टाइगर्स ऑफ तमिल इलम (LTTE) के खिलाफ रणनीती बनाने के लिए भी गिल की मदद ली थी. इसके बाद 2006 में छत्तीसगढ़ में गिल को नक्सलियों पर नकेल कसने के लिए सुरक्षा सलाहकार के नियुक्त किया गया. गिल की सख्ती की वजह से उनपर मानवाधिकारों के हनन का आरोप भी लगता रहा है.

पुलिस सेवा के आलावा गिल इंडियन हॉकी फेडरेशन के भी अध्यक्ष रह चुके थे. उनके अदम्य प्रशासनिक सेवा प्रदर्शन के कारण वर्ष 1989  में उन्हें पदम श्री से नवाजा गया. पंजाब पुलिस के प्रमुख की भूमिका निभाने के बाद गिल को 1991 में दूसरी बार पंजाब का डीजीपी नियुक्त किया गया.

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